किनवट/माहुर (नांदेड़) रशीद फाजलानी
नांदेड़ जिले की किनवट और माहुर तहसीलों में लंबे समय से बारिश न होने के कारण सूखे जैसे हालात बन गए हैं। मानसून का सीजन होने के बावजूद बारिश न होने से खरीफ की फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है, जिससे स्थानीय किसानों की चिंताएं बेहद बढ़ गई हैं।
प्रमुख समस्याएं और प्रभाव:
फसलों का सूखना: बारिश के अभाव में सोयाबीन, कपास, तुअर और ज्वार जैसी मुख्य फसलें खेतों में ही पीली पड़ने लगी हैं।
दोहरी बुआई की नौबत: जिन किसानों ने शुरुआती बारिश में बुआई कर दी थी, पानी न मिलने से पौधे सूख रहे हैं। इससे किसानों पर दोबारा बुआई का आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
जलसंकट और चारा: कुओं और बोरवेल का जलस्तर नीचे गिरने से न केवल सिंचाई की समस्या खड़ी हो गई है, बल्कि मवेशियों के लिए पीने के पानी और चारे का संकट भी गहराने लगा है।
किसानों की मांग:
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में तेज बारिश नहीं हुई, तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी। किसानों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत पंचनामा (सर्वे) कराया जाए और किनवट-माहुर तहसील में राहत उपायों की घोषणा की जाए।


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